February 2019 archive

पितृदोष और ऋण क्या होता है

पितृदोष के संबंध में ज्योतिष और पुराणों की अलग अलग धारणा है लेकिन यह तय है कि यह हमारे पूर्वजों और कुल परिवार के लोगों से जुड़ा दोष है। पितृदोष के कारण हमारे सांसारिक जीवन में और आध्यात्मिक साधना में बाधाएं उत्पन्न होती हैं। हमारे पूर्वजों का लहू, हमारी नसों में बहता है। हमारे पूर्वज कई …

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नवरात्रों में लहसुन और प्याज़ खाने की क्यों है मनाही

हिंदू धर्म में बहुत सारी चीजों को करना वर्जित माना जाता है। ऐसे में हर कोई सावधानी के साथ जीवन यापन करता है क्योंकि ऐसे में मौसम भी करवट लेता है। बहुत से लोगों में अच्छी और बुरी आदतें बदलती हैं । लोग निगेटिव थिंकिंग को पॉजिटिव में बदलने की कोशिश करते हैं इसके अलावा …

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क्यो चढ़ाते है सिंदूर हनुमान जी को ? क्या है इससे जुड़ी कहानी

मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी का दिन होता है। इन दिनों में कई लोग व्रत भी रखतें है। मंगलबार को मंगल ग्रह के निमित्त के लिए विशेष पूजन भी किया जाता है। मान्‍यता है कि सिंदूर चढ़ाने से बजरंग बल‍ि बेहद प्रसन्‍न होते हैं और अपने भक्‍तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं। लेकिन …

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फिटकरी से जुड़े कुछ सरल उपाय सुख समृद्धि और शांति के लिये

महिला अगर चाहती है कि उसका पति उससे बहुत प्यार करे या फिर पति को पत्नी का प्रेम चाहिए तो फिटकरी का इस्तेमाल दोनों के बीच के प्रेम को प्रगाढ़ बना सकता है। बस उसके लिए फिटकरी के इस्तेमाल का तरीका सही होना चाहिए। दरअसल घर और परिवार में फिटकरी का इस्तेमाल वास्तु दोष को …

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घर में झाड़ू का महत्व क्या है

हमारे पौराणिक ग्रंथों में कई शकुन-अपशकुन, मान्यताएं-परंपराएं बताई गई हैं। हमने भी अपने घर के बड़े-बुजुर्गों को यह कहते हुए सुना होगा कि यह काम मत करो, ऐसा मत करो, नल टपकने मत दो, झाड़ू को पैर मत लगाओ, इसका आदर करो आदि। किंतु हम उनकी बातें सुनकर अनसुनी कर देते हैं, उन्हें पिछड़ा हुआ …

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पीले अक्षत चढ़ाने से भगवान की कृपा जल्दी बरसेगी जाने कैसे

अक्षत की महत्ता आश्चर्यजनक रूप से असरकारी मानी गई है। हर पूजन-आराधना-अर्चना इसके बिना अधूरी है। यहां प्रस्तुत है सरलतम उपाय हर दिन पूजा में चावल का प्रयोग कीजिए और बचे चावल मंदिर में दान कर दीजिए या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दे दें ऐसा हर सोमवार को करें। इस उपाय को अपनाने से कुछ …

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क्या होता है विवाह के सात वचन का अर्थ

विवाह का अर्थ : विवाह को शादी या मैरिज कहना गलत है। विवाह का कोई समानार्थी शब्द नहीं है। विवाह= वि+वाह, अत: इसका शाब्दिक अर्थ है- विशेष रूप से (उत्तरदायित्व का) वहन करना। विवाह एक संस्कार : अन्य धर्मों में विवाह पति और पत्नी के बीच एक प्रकार का करार होता है जिसे कि विशेष …

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