May 2019 archive

जाने स्वास्तिक चिन्ह का महत्व

एक दूसरे को काटती हुई दो रेखाओं और आगे चल कर उनके चारों सिरों के दांई ओर मुड़ जाने वाले चिह्न को स्वस्तिवाचन का प्रतीक माना जाता है। स्वास्तिक अति प्राचीन पुण्यप्रतीक है, जिसमें गूढ़ अर्थ और गंभीर रहस्य छुपे हैं। स्वस्तिक जिस मंत्र के प्रतीक रूप में चित्रित किया जाता है, वह यजुर्वेद से …

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वट सावित्री व्रत पूजा-विधि

वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को मनाया जाता है। इस बार वट सावित्री का व्रत 03 जून 2019 (सोमवार) को है। वट सावित्री व्रत की कथा सत्यवान-सावित्री की कथा जुड़ी हुई है। जिसमें सावित्री ने अपने संकल्प और श्रद्धा से, यमराज से, सत्यवान के प्राण वापस ले लिए थे। वट सावित्री व्रत पर महिलाएं …

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नामकरण संस्कार: किस प्रकार किया जाना चाहिए

नामकरण संस्कार के बारे में स्मृति संग्रह में लिखा है-नामकरण संस्कार से आयु एवं तेज में वृद्धि होती है। नाम की प्रसिद्धि से व्यक्ति का लौकिक व्यवहार में एक अलग अस्तित्व उभरता है। नामकरण संस्कार संपन्न करने के संबंध में अलग-अलग स्थानों पर समय की विभिन्नताएं सामने आई हैं। जन्म के 10वें दिन सूतिका का …

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स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में धार्मिक स्थल देखने का क्या अर्थ होता है

सपने में धार्मिक स्थल देखना : सपने भविष्य का आइना होते हैं। स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने भविष्य में होने वाली अच्छी और बुरी घटनाओं का सूचक होते हैं। कई बार हम ऐसे सपने देखते हैं। जिसे देखकर हम बैचेन हो उठते हैं और उनका मतलब भी जानना चाहते हैं। ऐसा ही स्वप्न है धार्मिक …

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कछुए की अंगूठी धारण करने का क्या है महत्व

ज्योतिष शास्त्र में ऐसी कई उपाय है। जिन्हें अपना कर मनुष्य अपने जीवन की सभी परेशानियों को समाप्त कर सकता है। इन्हीं में से एक उपाय है कछुए की अंगूठी को लेकर । आजकल जिसके हाथ में देखो कछुए की अंगूठी अवश्य मिलेगी । कुछ लोग तो इसे शौकिया तौर पर पहनते हैं। लेकिन क्या …

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वर-वधु का कुंडली मिलान ज़रूरी है या नहीं

सनातन संस्कृति की नींव षोडश संस्कारों में निहित है। इन षोडश संस्कारों में विवाह का महत्वपूर्ण स्थान है। बच्चों के युवा होते ही माता-पिता को उनके विवाह की चिंता सताने लगती है। विवाह का विचार मन में आते ही जो सबसे बड़ी चिंता माता-पिता के समक्ष होती है वह है अपने पुत्र या पुत्री के लिए योग्य …

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एकाक्षी नारियल को क्यों साक्षात लक्ष्मी का रूप माना जाता है, क्या है इसकी विशेषता

-एकाक्षी नारियल : श्री और समृद्धि देता है यह श्रीफल -धन को आकर्षित करता है एकाक्षी नारियल हमारी सनातन eपद्धति में श्रीफल अर्थात् नारियल का विशेष महत्व है। हिन्दू धर्म की कोई भी पूजा बिना श्रीफल अर्पण के पूर्ण नहीं होती। चाहे वह प्रसाद रूप में हो या भेंट के रूप में, श्रीफल का हमारी …

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