«

»

Oct 15 2016

Biography-Famous Astrologer Acharya Satish Awasthi

Biography of famous Astrologer & India’s First Voice Reader

Dr. Acharya Satish Awasthi

biography famous astrologer acharya satish awasthi

Acharya Satish Awasthi

प्रख्यात ज्योतिष् आचार्य सतीश अवस्थी जी की प्रेरणादायक जीवनी

 

 

शहर के जाने माने ज्योतिषी (Astrologer) आचार्य डा.सतीश अवस्थी जी का जन्म  22 दिसंबेर 1982 को

कानपुर में हुआ लेकिन कुछ पारिवारिक मजबूरियों के चलते उनका पालन पोषण और शिक्षा-दीक्षा ननहिहाल

(मलिहाबाद,कशमरी) में हुई| हालाँकि वहाँ पर अपनापन मिला, परंतु उनके मन में ये बात रहती थी की वह

मामा मामी पर बोझ है| अतः उन्होने घरेलू कामों मे निपुणता हासिल करली ताकि किसी को कोई शिकायत ना

हो|

आचार्य जी का कहना है की वह बचपन में ही संस्कृत के श्लोक बिना रुके बोल लिया करते थे| श्लोक उन्हें

एक बार में ही याद हो जाया करते थे| इसपर अध्यापकोंको बड़ा आश्चर्य हुआ करता था|संस्कृत मे उनकी

पढ़ाई चली| वह बताते है की ननहिहल में ही मौंटेसरी स्कूल से कक्षा पाँचवी तक पढ़ाई पूरी कर वह सीतापुर

नैमिषारण्य गये और संस्कृत में प्राथमा : (कक्षा 6,7,8) तक की पड़ाई पूरी की| इसके बाद इलाहाबाद महर्षि

योगी संस्थान से  संस्कृत में (कक्षा-9,10,11,12) पड़ाई की|

काशी विश्वविद्यालय वाराणसी से शास्त्री (स्नातक) और आचार्य (परास्नातक) करने के बाद बनारस हिंदू विश्व-

विद्यालय से पी.एच.डी कर ज्योतिषी की उपाधि प्राप्त की| पढ़ाई का खर्चा पूरा करने के लिए उन्हे दूसरो की

थीसिस भी लिखनी पढ़ी| उनका दावा है कि वह खेल- खेल में  ही लोगों का हाथ देखकर कुछ सलाह दे दिया

करते थे, जिससे लोगों को फ़ायदा होता था| उनका यह दावा भी है की उनकी कुछ भविष्यवाणी सही साबित

हुई है| श्री अवस्थी कहते है की उन्होने एक साल तक एक -एक महीने के लिए 12 ज्योतिर्लींगों की उपासना

की| भगवान की तपस्या करने के उपरांत उन्होने अन्न ग्रहण नही किया|  इसी के साथ 51 महीने तक देश

भर में मौजूद 51 शक्ति पीठ भगवती आराधना की| यहाँ भी एक – एक महीने का मास परायण किया|

महाराष्‍ट्र में मौजूद आठ अष्टविनायक मंदिरो में एक-एक गणपति यज्ञ| यह सभी कार्य सामाजिक उत्थान के

लिए भी किए|

श्री अवस्थी जी के अनुसार वह ज्योतिष् शोध के लिए ज्योतिष् रत्न, ज्योतिष् यज्ञ यज्ञ महामहोपाध्याय, ज्योतिष्

प्रभाकर, भविष्यदृष्टा,ज्योतिष् ऋषि आदि सम्मान से 25 देशो में सम्मानित हो चुके है| अब उनका एक ही

सपना है कि उनका अपना अस्पताल हो जिसमे एलोपैथी,होम्योपैथी,नैचुरोपैथी ज्योतिष् नाम की सिम्पैथि जुड़

जाए तो मरीज को जल्द ठीक काइया जा सकता है| ज्योतिष् में हर समस्या का समाधान है|

biography famous astrologer satish awasthi

acharya satish ji

आचार्य जी से बातचीत के कुछ महत्वपूर्ण अंश:-

प्र. सफलता में ज्योतिष का कितना योगदान हो सकता है?

उ. जिस तरह से अँधेरे में लाइट की जरूरत होती है उसी तरह से ज्योतिष भी हमें सफलता का मार्ग दिखता

    है लेकिन हमें कर्म करना पड़ेगा। यह तो केवल सकारात्मक विचार विकसित करता है।   

                     

प्र. हस्तरेखाओं द्वारा बताये गए भविष्य कितने सटीक होते है?

उ. सौ प्रतिशत। बशर्ते हस्तरेखा बताने वाला सटीक होना चाहिए। आजकल ज्योतिष विद्या में सटीक जानकारों

    की कमी है।      

                  

प्र. स्टोन या रत्न किसी को लाभ पहुँचाने में किस तरह कम करते है?

उ. स्टोन रक्त के संचार से कम करते है। सूर्य की 24 किरनें होती है उसमे से एक है औषमिक किरण जो रत्न

पर पड़ती है और रत्न का रक्त संचार के आधार पर हमारी मानसिक तरंगो को मजबूर कर हमारे अंदर

सकारात्मक सोच विकसित करता है। रत्न कभी भी बिना सलाह के नहीं पहनना चाहिए। यह औषधि की तरह

काम करता है।          

              

प्र. क्या एक समय पर एक साथ जन्में लोगों की जिंदगी या करियर सामान रूप से संतुष्टि भरा या सफल हो  

    सकता है?                        

उ. नहीं। क्योकि हर व्यक्ति का अपना पुनर्जन्म निर्धारित होता है। जन्म का स्थान अलग-अलग होता है।

    सभी की किस्मत एक जैसी नहीं होती ।

प्र. ज्योतिष के आधार पर की गयी भविष्यवाणी हमेशा सही क्यों नहीं होती?                        

उ. यह एक विवादस्पद स्तिथि है। क्योंकि ज्योतिष में की गयी भविष्यवाणी कौन कर रहा है,यह देखना

जरुरी है। अगर किसी अनुभवी  और पढ़े-लिखे ज्योतिषी ने भविष्यवाणी सही तरीके से की है तो सच होगी।                        

प्र. क्या ज्योतिष का सहारा व्यक्ति को अन्धविश्वासी नहीं बनता और उसके प्यासों में कमी नहीं लाता कि अब  

    तक तो ज्योतिष उपाय कर ही रहे है, काम बन ही जाएगा?                    

उ. देखिये, एक एमबीबीएस,एमडी डाक्टर होता है और एक झोलाछाप। दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। ठीक

उसी तरह ज्योतिष विद्या में भी होता है। इस क्षेत्र में भी ज्योतिष विद्या के जानकार होते है और कुछ जानकार

होने का दिखावा करते है लेकिन ज्योतिष अन्धविश्वास नहीं है। यह आप में सकारात्मक दृष्टी पैदा कर आपको

आगे बढने के लिए प्रोत्साहित करता है। अगर ज्योतिष खराब होता तो न जाने कब का ख़त्म हो गया होता

लेकिन यह बढ़ रहा है। हो सकता है जिसे आप अन्धविश्वास कह रहे है वह विश्वास हो।   

                     

प्र. करियर के रूप में ज्योतिष अपनाने पर किन-किन बातों का ध्यान रखना पड़ेगा?                        

उ. इसके लिए शिक्षित ज्योतिष के पास जाये। ज्योतिष के आधार पर क्या करना चाहिए?

    कहाँ जाना चाहिए? कब सफलता मिलेगी? आदि बातों पर विचार करें। करियर के लिए किसी भी

    ज्योतिष से ज्योतिष के दशम भाव के बारे में पूछें। क्योंकि करियर के लिए ज्योतिष का दशम भाव ही बना     है।

                        

प्र. वर्तमान में ज्योतिष और ज्योतिषियों की स्थिति पर कुछ कहना चाहेंगे?                        

उ. पहले से ठीक है। प्रचार-प्रसार हुआ है लेकिन ज्योतिषियों की स्थिति खराब हुई है। शोध की नितांत

    आवश्यकता है। पढ़ाई- लिखाई होनी चाहिए। ढोंगी ज्योतिषियों से बचे। पढ़े-लिखे ज्योतिषियों से ही परामर्श

    ले। वैसे ज्योतिषियों की भीड़ ज्यादा है। अच्छे ज्योतिषी तलाशना मुश्किल होता है।

 

प्र. किसी भी ज्योतिष् से परामर्श लेने से पहले उनके व्यक्तिव का आंकलन कैसे करना चाहिये?

उ. आज कल सटीक ज्योतिष् परामर्श की भारी कमी दिखाई पड़ती है, अक्सर लोग बड़े नाम सुनकर या

किसी के सलाह पर ढोंगी ज्योतिषों के चक्कर काटते है और बाद में उनको पछताना पड़ता है| ऐसी स्तिथि से

बचने के लिए आपको स्वयं विश्लेषण करना चाहिए| एक सच्चा और  सटीक ज्योतिषी आपको कभी डराएगा

नहीं, वह आपको धैर्यता से सभी पूछे गये सवालो का जवाब देगा और आपको उसमें मित्र नज़र आएगा| जिस

प्रकार सभी मनुष्य एक से नहीं होते उसी प्रकार ज्योतिषियो में भी कुछ अच्छे तो कुछ बुरे भी हो सकते है|

 

प्र. आपको कब ज्ञात हुआ आप Voice Reading कर सकते है?

उ. 14 साल की उमर में मैने पहली Voice Reading की| अगर आप अपना जन्म का दिन नहीं जानते या

टाइम नहीं जानते इसके बावज़ूद केवल Voice Reading के माध्यम से आपकी जिंदगी से जुड़ी काफ़ी बातें

एवं सुझाव आपको बताए जा सकते  है|

 

 

    You may also like:-

 

 

 

Leave a Reply