Category: KUNDLI

वर-वधु का कुंडली मिलान ज़रूरी है या नहीं

सनातन संस्कृति की नींव षोडश संस्कारों में निहित है। इन षोडश संस्कारों में विवाह का महत्वपूर्ण स्थान है। बच्चों के युवा होते ही माता-पिता को उनके विवाह की चिंता सताने लगती है। विवाह का विचार मन में आते ही जो सबसे बड़ी चिंता माता-पिता के समक्ष होती है वह है अपने पुत्र या पुत्री के लिए योग्य …

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कौन से जातक प्यार में देते हैं धोखा

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति, योग और दृष्टि बहुत महत्वपूर्ण रहती है और इन्हीं पर सम्पूर्ण ज्योतिष शास्त्र निर्भर रहता है कि कौन जातक प्रेम में धोखा देगा और कौन कामयाब होगा। कुंडली में प्रेम (love) के लिए पांचवां और वैवाहिक जीवन के लिए सातवां भाव बहुत महत्वपूर्ण है। सातवें भाव …

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कैसे बनता है काल सर्प दोष: लक्षण व ज्योतिष उपाय

‘कालसर्प‘ दोष भी ‘कर्तरी’ दोष के समान ही है। वराहमिहिर ने अपनी संहिता ‘जानक नभ संयोग’ में इसका ‘सर्पयोग’ के नाम से उल्लेख किया है, काल सर्पदोष नहीं। वहीं, ‘सारावली’ में भी ‘सर्पयोग’ का ही वर्णन मिलता है। यहां भी काल और दोष शब्द नहीं मिलता। पुराने मूल या वैदिक ज्योतिष शास्त्रों में कालसर्प दोष …

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क्या होता है मांगलिक दोष और इससे संबंधित गलतफहमियां

मांगलिक दोष को लेकर कई सारी मान्यताएं प्रचलित है। ऐसा कहा जाता है कि किसी की कुंडली में यह दोष होता है तो उसके वैवाहिक जीवन में कई प्रकार की परेशानियां आती हैं, हमेशा दुखी रहता है। अगर कोई मांगलिक व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति से शादी करता है जिसकी कुंडली में मांगलिक योग नहीं है। …

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कुंडली मिलान से नहीं, इसे मिलाकर करें विवाह, वरना 36 गुण मिलने पर भी होगा तलाक..!

  कुंडली मिलान से नहीं, इसे मिलाकर करें विवाह, वरना 36 गुण मिलने पर भी होगा तलाक..!   विवाह मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण संस्कार है। इस संस्कार मे बंधने से पूर्व वर एवं कन्या के जन्म नामानुसार गुण मिलान करके की परिपाटी है। गुण मिलान नहीं होने पर सर्वगुण सम्पन्न कन्या भी अच्छी जीवनसाथी …

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marriage problem solutions |love marriage| सुयोग्य अर्धांगिनी प्राप्ति हेतु सरल उपाय| astrology solutions

यदि किसी अविवाहित(unmarried) युवक का किसी कारणवश विवाह(marriage) न हो पा रहा हो तो:-

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